Shayri:-दर्द-ऐ-दिल। रामस्वरूप दिवराया9:32 AMक्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है; एक पल का इंतज़ार भी दुश्वार हो जाता है; लगने लगते हैं अपने भी पराये; और एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है। ...