जिन्दगी अजिब होती हैँ।

कभी पहली बार स्कूल जाने मे डर लगता था…आज अकेले ही दुनिया घूम लेते है ।। पहले 1st नंबर लाने के लिए पढ़ते थे, आज कमाने के लिए पढ़ते है !! गरीब दूर तक चलता है … खाना खाने के लिए… अमीर दूर तक चलता है … खाना पचाने के लिए … किसी के पास खाने के लिये एक वक्त की रोटी नहीं है ….. किसी के पास रोटी खाने के लिए वक़्त ही नहीं है … कोई लाचार है इस लिए बीमार है , कोई बीमार है इसलिये लाचार है कोई अपनों के लिए रोटी छोड देता है, कोई रोटी के लिए अपनों को छोड़ देता हैं ये दुनिया भी कितनी निराली है .. कभी वक़्त मिले तो सोचना… कभी छोटी सी चोट लगने पे रोते थे, आज दिल टूट जाने पर भी संभल जाते हैं ! पहले हम दोस्तों के सहारे रहते थे, आज दोस्तों की यादो मे रहते है! पहले लड़ना मारना रोज़ का काम था, आज एक बार लड़ते हें तो रिश्ते खो जाते हे! सच में जिन्दगी ने बहुत कुछ सिखा दिया, जाने कब हम को इतना बड़ा बना दिया..

No comments:

Post a Comment

अगर यह पोस्ट आपको पसंद आई हो तो अपने विचार दे और इस ब्लॉग से जुड़े और अपने दोस्तों को भी इस ब्लॉग के बारे में बताये !